कुछ खाली सा हूँ मैं

_20160812_115033हाँ , आज साथ मेरे एक हाथ है।
सपनों को पाना है,
आज दिल में ये जस्बात है।
शायद किस्मत भी मेरे साथ है।
फिर भी, कुछ खाली सा हूँ मैं…

हाँ, आज इन आखों में चमक है,
आज इन होठों पर मुस्कान है।
हाँ आज इस दिल में बजती हर धुन है।
ना जाने क्यों फिर भी ये दिल परेशान है…

हाँ,हाथ वो तेरा नहीं,
साथ वो तेरा नहीं।
ना सपनों में तेरा नाम,
ना किस्मत के दरवाज़े पर तेरा पेगाम।
शायद इसलिए कुछ खाली सा हूँ मैं…

ना इन आँखों में चहरा तेरा,
ना होठों पर तेरे नाम की मुस्कान।
हाँ दिल में धुन तो है,
पर गीत तेरे नहीं ।
शायद इसलिए ये दिल परेशान है।

किसी रोज़ तुम किस्मत के दरवाज़े पर फिर आना,
सपनों में दसतक दे जाना,
फिर एक नई धुन गुनगुनाना।

सुनो, तुम इतना कर जाना,
जो दिल हमेशा से महसूस करना चाहता था,
वो चंद शब्द बोल जाना।

 

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